देश की पहली अंडरवाटर टनल का काम कोलकाता में हूगली नदी के नीचे चल रहा है। यह मेट्रो हावड़ा और महाकरण मेट्रो स्टेशन के बीच चलेगी। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, मार्च 2022 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। यह देश की अपनी तरह की पहली अंडर रिवर परियोजना है। इस प्रोजेक्ट के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी से 41.6 बिलियन रुपए का लोन लिया गया है जो प्रोजेक्ट के खर्च का करीब 49 प्रतिशत है। केएमआरसी के प्रबंध निदेशक मानस सरकार ने कहा कि प्राधिकरण को अगले दो सालों में भारतीय रेलवे बोर्ड से 20 करोड़ की अंतिम किस्त का इंतजार है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 8,572 करोड़ रुपए है।
रोजाना 9 लाख लोग कर सकेंगे यात्रा
इस लाइन के शुरू होने के बाद 9 लाख लोग रोजाना सफर कर सकेंगे। 520 मीटर की पानी के नीचे की सुरंग को पार करने में एक मिनट से भी कम समय लगेगा।' बता दें कि दिन के समय हावड़ा पुल को फेरी की मदद से पार किया जाता है जिसमें करीब 20 मिनट से एक घंटे तक का समय लग जाता है।
सुरंग की लंबाई 520 मीटर
केएमआरसी के प्रबंध निदेशक के अनुसार हुगली नदी के नीचे बनाई जा रही दोहरी सुरंग की लंबाई 520 मीटर है। प्रत्येक टनल का भीतरी व्यास साढ़े 5.55 मीटर तथा दीवार की मोटाई 275 मिलीमीटर है। ये नदी की तलहटी से 13 मीटर नीचे हैं। एक सुरंग का काम 21 अप्रैल, 2016 को तथा दूसरी का 12 जुलाई को हावड़ा मैदान से प्रारंभ हुआ था।
1984 में शुरू हुई थी देश की पहली मेट्रो रेल
देश में सबसे पहले कोलकाता में मेट्रो चलाई गई थी। यह भारतीय रेल द्वारा संचालित है। 1984 में शुरू हुई यह भारत की पहली भूमिगत एवं मेट्रो प्रणाली थी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो 2002 में दिल्ली में ये सेवा शुरू की गई।